Monday, March 4, 2024

IPO क्या होता है, How to invest in IPO in India 2023

IPO क्या होता है

दोस्तों! आईपीओ (IPO) का मतलब (Initial Public Offering) होता है। जब कोई कंपनी पब्लिक को पहली बार अपने शेयर ऑफर करती है तो इस प्रणाली को आईपीओ कहते है। हम इसको इस तरह से समझ सकते है कि देश की विभिन्न कम्पनियाँ अलग-अलग क्षेत्रों में कार्य करती है। जब इन कंपनियों को फंड की जरुरत पढ़ती है तो ये खुद को स्‍टॉक मार्केट में लिस्ट करवाती है। इस लिस्टिंग के बाद कंपनियों को आईपीओ जारी करना होता है। इसके बाद कंपनी शेयर मार्केट में लिस्ट हो जाती है। और निवेशक इसके शेयर खरीद और बेच सकते है।

दोस्तों! जैसे ही निवेशक कंपनी के IPO खरीदते है तो उन तमाम निवेशकों की उस कंपनी में हिस्सेदारी हो जाती है। जब बहुत सारे निवेशक उस कंपनी की हिस्सेदारी खरीदते है तो उस कंपनी के पास बहुत सारा फंड इकठ्ठा हो जाता है। निवेशकों से आए फंड को कंपनी अपनी तरक्की में इस्तेमाल करती है और कंपनी को आगे बढ़ाती है। जनरल भाषा में कहें तो आइपीओ को लाने के बाद कंपनी को सिर्फ एक फैमली नहीं चलाती है बल्कि वो तमाम निवेशक उस कंपनी के शेयर खरीदकर चलाते है।

IPO

आईपीओ में निवेश कैसे करें

दोस्तों! IPO में निवेश करने के लिए हमारे पास एक डीमैट अकाउंट का होना बहुत जरुरी होता है। बगैर Demat Account के हम IPO में निवेश नहीं कर सकते है। यह अकाउंट हम किसी भी ब्रोकिंग फर्म से खोल सकते है। आईपीओ जारी करने वाली कंपनी अपने IPO को इनवेस्टर्स के लिए 3 से 10 दिनों के लिए खोलती है। उतने दिनों के ही अन्दर निवेशकों को किसी ब्रोकरेज फर्म में जाकर आईपीओ में इन्‍वेस्‍ट करना होता हैं।

IPO कितने प्रकार के होते हैं Types of IPO

दोस्तों! आपके मन में भी ये सवाल अक्सर आता होगा कि IPO कितने प्रकार के होते होंगे तो हम आपको बताते चलें कि आईपीओ दो प्रकार के होते हैं।

1-निश्चित मूल्य आईपीओ Fixed Price IPO

दोस्तों! निश्चित मूल्य अथवा Fixed Price IPO में कंपनी निवेश बैंक के साथ मिलकर शेयर का मूल्य निर्धारित करती है। कंपनी के शेयर बाजार में आने से पहले ही निवेशकों को शेयर की कीमतों के बारे में पता होता है। इस प्रकार के IPO में निवेशकों को आवेदन करते समय शेयर की पूरी कीमत चुकानी पड़ती है।

2-बुक बिल्डिंग आईपीओ Book Building IPO

दोस्तों! बुक बिल्डिंग आईपीओ Book Building IPO में कंपनी निवेश बैंक के साथ मिलकर IPO का एक PRICE BAND डिसाइड करती है। जब आईपीओ की प्राईस बैंड डिसाइड हो जाती है उसके बाद ही इसे जारी किया जाता है। इसके बाद इनवेस्टर इसमें अपनी बिड लगाते हैं।

कम्पनियाँ आईपीओ (IPO) ऑफर क्यों करती है

दोस्तों! जब किसी कंपनी को लगता है कि उनकी कंपनी आगे बढ़ रही है और अब इस कारोबार का विस्‍तार होना चाहिए तो इसके लिए कंपनी को ज्यादा फंड की आवश्यकता होती है। इसी फंड को जुटाने के लिए कंपनी IPO लेकर आती है। कम्पनियाँ आईपीओ (IPO) ऑफर भी इसलिए करती है-

1. कर्ज नहीं लेना पड़ता है

दोस्तों!अगर कंपनी चाहे तो अच्छे कारोबार के लिए वो बैंक से आसानी से लोन भी ले सकती है। लेकिन उसे ये लोन भारी भरकम ब्याज के साथ चुकाना पड़ेगा। इसलिए कम्पनी को IPO के जरिये इकठ्ठा हुए पैसे को लौटाने की कोई जरुरत नहीं पड़ती है। जिसके कारण कंपनी कर्ज के जोखिम से बच जाती है।

2. कर्ज उतारने के लिए

दोस्तों! कई बार कंपनी को भारी भरकम कर्ज हो जाता है तब कंपनी IPO के जरिये फंड इकठ्ठा करके उस भारी भरकम कर्ज का भुगतान करती है।

3. प्रोडक्‍ट प्रमोशन के लिए

दोस्तों! किसी भी प्रोडक्ट के लिए उसका प्रमोशन करना बहुत जरुरी होता है। जब तक कंपनी के प्रोडक्ट के बारे में ग्राहकों को पता नहीं चलेगा तब तक उसे कोई खरीदेगा नहीं इसीलिए कंपनी जब कोई प्रोडक्ट लेकर आती है तो वो सबसे पहले उसके प्रमोशन के लिए भारी भरकम फण्ड जुटाने के लिए उसका IPO लेकर आती है।

IPO में निवेश के पहले इन खास बातों का रखें ध्यान

दोस्तों! IPO में निवेश करने से पहले हमें इन खास बातों का ध्यान में रखना बहुत जरुरी होता है-

बिजनेस में ग्रोथ की संभावनाएं Growth prospects in business

दोस्तों! IPO में पैसे लगाने से पहले उस कंपनी के बिजनेस ग्रोथ की कितनी संभावनाएं है। Warren Buffett जैसे दिग्गज निवेशक हमेशा एक बात कहते हैं कि “सफल निवेशक को सही बिजनेस में पैसे लगाने चाहिए शेयर में नहीं” यानी कि किसी भी कंपनी के IPO को सब्सक्राइब करने से पहले यह जरुर चेक कर लें कि कंपनी के बिजनेस में आगे ग्रोथ बने रहने की संभावनाएं है या नहीं। किसी कंपनी की मजबूत ग्रोथ का मतलब है किउसके शेयर का प्रदर्शन भी भविष्य में मजबूत ही रहेगा।

मुनाफे का ट्रैक रिकॉर्ड Track record of profits

दोस्तों! किसी भी कंपनी के IPO में आँख मूंदकर निवेश करने से बचें। निवेश करने से पहले कंपनी का मुनाफे का ट्रैक रिकोर्ड जरुर चेक कर ले। कंपनी अगर वर्तमान में घाटे में है तो किसी एक्सपर्ट से जरुर जान लें कि फ्यूचर में उसके उसके प्रॉफिटेबल बनने की संभावना हैं या नहीं। मुनाफे वाली कंपनियों के बारे में मार्केट सेंटिमेंट भी बेहतर होते हैं। कंपनी के फाइनेंशियल डेटा यानी वित्तीय आंकड़े जरूर चेक करें।

कंपनी के कर्ज की हालत Company’s debt situation

दोस्तों! किसी भी कंपनी के IPO में निवेश करने से पहले उस कंपनी के कर्ज की हालत जरुर जाँच लें। अगर कंपनी पर कर्ज का लोड ज्यादा है तो उसे चुकाने के लिए बहुत ज्यादा फंड की आवश्यकता होगी। इसका सीधा असर उस कंपनी के future growth plan पर पड़ेगा। क्योकि जिस कंपनी का कर्ज जीरो है या बिलकुल नाम मात्र का है वो तो आईपीओ से प्राप्त फंड को कंपनी के बिजनेस बढ़ाने पर ही करेगा।

प्रोमोटर्स का ट्रैक रिकॉर्ड Track record of promoters

दोस्तों! अच्छे मैनेजमेंट या प्रोमोटर्स वाली कम्पनिया हमेशा ज्यादा ग्रोथ करती है। वही जिन कंपनी के मैनेजमेंट या प्रोमोटर्स के बैकग्राउंड रिपोर्ट नेगेटिव आती है वो कंपनी हमेशा घाटे में रहती है। इसलिए किसी भी IPO में निवेश करने से पूर्व यह ध्यान देना अति आवश्यक है कि कंपनी के मैनेजमेंट और प्रोमोटर्स का बैकग्राउंड अच्छे से चेक करने के उपरांत ही निवेश किया जाए। कंपनी के मैनेजमेंट और प्रोमोटर्स का फोकस ग्राहकों, वेंडर्स और इन्‍वेस्‍टर्स के साथ तालमेल बनाकर बिजनेस को आगे बढ़ाने पर रहता है।

शेयर का वैल्यूएशन Share Valuation

दोस्तों! IPO में निवेश करने से पूर्व यह देखना जरुरी हो जाता है कि शेयर का वैल्यूएशन कितना है। वैसे भी किसी आईपीओ में शेयर की कीमत देखने की जगह उसका Valuation देखा जाता है। कम कीमत वाला शेयर किसी ज्यादा भाव वाले शेयर की तुलना में ज्यादा वैल्युएबल देता है। कोई शेयर अपनी मौजूदा कीमत पर महंगा है या सस्ता इसका अंदाजा उसके P/E यानी प्राइस/अर्निंग रेश्यो को देखकर लगाया जा सकता है।

EPS यानी प्रति शेयर आय Earnings Per Share

दोस्तों! किसी भी कंपनी का EPS यानीकि अर्निंग प्रति शेयर देखने से ही यह मालूम होता है कि कंपनी के रेवेन्यू और मार्जिन में बढ़ोतरी हो रही है या नहीं। जिस कंपनी के फाइनेंशियल में ग्रोथ होगी उसके शेयर में भी हाई रिटर्न की उतनी ही गुंजाइश होगी।

फ्री कैश फ्लो free cash flow

दोस्तों! आज हम आपको जानकारी दे रहे है कि IPO क्या है? कोई भी कंपनी फ्री कैश फ्लो जेनरेट कर रही है तो इसका मतलब यह हुआ कि आगे ग्रोथ करने के बहुत मौके हैं। कैश फ्लो जनरेट करने वाली कंपनी आसानी से अपना कर्ज खत्म कर सकती है।

ग्रुप और सेक्टर Group and Sector

दोस्तों! अगर बाज़ार में किसी मजबूत ग्रुप की नई कंपनी लिस्ट हो रही है तो उस पर जरुर नजर रख सकते हैं। प्रायः देखा गया है कि जिस ग्रुप का मजबूत सपोर्ट नई कंपनी को होता है वो कंपनी कामयाब बन ही जाती है। IPO में समय के साथ ट्रेंड भी बदलते रहते हैं इसलिए ऐसे सेक्टर को चुनें जिसकी अगले 10 से 15 सालों तक डिमांड बनी रहे। कोई मजबूत कंपनी आईपीओ ला रही है तो उसमें बेहतर रिटर्न की संभावना हो जाती है।

FAQ’s

प्रशन- क्या IPO में अप्लाई करने के लिए पॉलिसीहोल्डर्स के पास डीमैट अकाउंट होना जरूरी है?

उत्तर- हां जी! सेबी के आईसीडीआर रेगुलेशंस के तहत किसी कंपनी के शेयर फिजिकल फॉर्म में जारी नहीं किए जा सकते। शेयर सिर्फ डीमैटरियलाइज्ड फॉर्म में जारी होंगे। इसलिए जो पॉलिसीहोल्डर या रिटेल इनवेस्टर किसी भी कंपनी के आईपीओ में पैसे लगाना चाहते हैं उनके पास डीमैट अकाउंट का होना जरूरी होता है।

प्रश्न- क्या रिजर्व कोटे के तहत अगर पॉलिसीहोल्डर शेयर खरीदता है तो उसके लिए कोई लॉक-इन पीरियड होता है?

उत्तर- दोस्तों! पॉलिसीहोल्डर के लिए किसी तरह का लॉक-इन पीरियड नहीं होगा। वो चाहे तो लिस्टिंग के तुरंत बाद अपने शेयर बेच सकता है।

प्रश्न- क्या पॉलिसीहोल्डर्स के अप्लाई करने के लिए शेयरों की न्यूनतम संख्या तय होती है?

उत्तर- दोस्तों!किसी भी कंपनी के IPO में अप्लाई के लिए शेयरों की न्यूनतम संख्या तय होती है। जो सभी कैटेगरी के इनवेस्टर्स पर लागू होती है। आईपीओ बाजार में आने के बाद शेयरों की न्यूनतम संख्या के बारे में पता चलेगा।

प्रश्न- क्या डीमैट अकाउंट में शेयरों की कोई न्यूनतम संख्या होनी जरूरी है?

उत्तर- दोस्तों! डीमैट अकाउंट में शेयरों की किसी तरह की न्यूनतम संख्या होनी जरूरी नहीं है।

प्रश्न- क्या आईपीओ में निवेश करने पर टैक्स में छूट मिलती है?

उत्तर- जी नहीं Income Tax Rules के हिसाब से IPO में निवेश करने पर किसी तरह की कोई टैक्स छूट नहीं मिलेगी।

निष्कर्ष

दोस्तों! आज हमने आपको IPO क्या होता है? के सबंध में जानकारी दी है। आप भी अगर IPO में निवेश करने की योजना बना रहे है तो सबसे पहले आप कंपनी, बाज़ार व अन्य जोखिमों के बारे में अवश्य पढ़ लेना। आपको ये जानकारी कैसे लगी जरुर बताये साथ ही इस पोस्ट को अपने उन दोस्तों, रिश्तेदारों एवं स्टूडेंट को जरुर शेयर करे जो लोग आईपीओ के विषय में जानकारी चाहते है। आप हमें कमेन्ट करके जरुर बताएं कि आपको हमारी ये जानकारियों से भरपूर आर्टिकल कैसा लगा।

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